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दीपावली पर निबन्ध deepawali par nibandh , essay of deepawali

रूपरेखा - प्रस्तावना , मनाने का कारण , मनाने का कायदा (ढंग) , मनाने हेतु विशेष तैयारी , इस त्यौहार में फैलती कुप्रथा , उपसंहार प्रस्तावना - हमारे देश भारत में बहुत से त्यौहार मनायें जातें है जैसे - होली , दशहरा आदि लेकिन इन सब में दीपावली का विशेष महत्व है | दीपावली हमारे देश का एक ऐसा त्यौहार है जिसमें बड़ा ही उमंग है खास बच्चों के लिए | यह त्यौहार एकता का प्रतीक है क्योंकि यह त्यौहार हिन्दू भाईयों के साथ - साथ बहुत स्थानों पर मुसलमान भाई भी मनाते हैं | यह त्यौहार इसलिए भी मशहूर है एवं इस त्यौहार में इतनी उमंग इसलिए है क्योंकि राम रावण को मारकर एवं चौदह वर्ष का वनवास काटकर इसी दिन आयोध्या वापस आये थे | तो राम के आने के खुशी में सभी अयोध्या वासियों ने घी के दीपक जलाये थे | यह दीपावली जिसका शाब्दिक अर्थ है दीप + अवली = दीपावली | इन्हीं बातों से स्पष्ट हो जाता है कि ये दीपों का त्यौहार है | इस त्यौहार के प्रति लोगों का आस्था है कि इस दिन दीपक जलाने से घर में लक्ष्मी आती हैं तो यही कारण है कि इस दिन गणेश एवं लक्ष्मी की पूजा - अर्चना की जाती है | इस त्यौहार के दिन पूरे देश मे...

Omg : भोजपुरी के इस गाने को 5 करोड़ से ज्यादा लोगो ने देखा

भोजपुरी के सुुपरस्टार गायक , अभिनेता पवन सिंह एवं गायिका इन्दु सोनाली द्वारा गाया गाना 'राते दिया बुताके तूने क्या - क्या किया' इन दिनों youtube पर खूब हंगामा मचा रहा है | loading... आपको बता दें कि यह भोजपुरी फिल्म ' सत्या' का गाना है | वैसे इस फिल्म में कईं अभिनेत्री है - (गायिका , अभिनेत्री) अक्षरा सिंह , निधी झा | लेकिन इस गाने में पवन सिंह और भोजपुरी की चर्चित अभिनेत्री आम्रपाली दूबे ने डांस किया है जो लोगों को बहुत पसन्द आ रही है | गाना बहुत ही जबरदस्त है | इस गाने को ये पोस्ट लिखे जाने तक 50 023907 लोगों ने देखा है और ये गाना आजकल trand कर रहा है | इस गाने को 78848 लोगो ने li ke किया है | इसी बात से आप अन्दाजा लगा सकते हो कि कितना दम है गानों में | loading... ये गाना यूपी - बिहार - झारखण्ड एवं अन्य भोजपुरी क्षेत्रों तथा गैर भोजपुरी क्षेत्रों में भी खासा पसन्द किया जा रहा है , जहाँ पर हिन्दी बोली जाती है | इस फिल्म ने रिकार्ड कमाई की है | loading... सभी ने देखा अच्छा लगा आप भी देखें |          ...

डॉ वासुदेवशरण अग्रवाल जी का जीवन - परिचय हिन्दी में

डॉ० वासुदेवशरण अग्रवाल जी का जीवन -  परिचय डॉ० वासुदेवशरण अग्रवाल जी का जन्म सन् 1904 ई० में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खेड़ा नामक ग्राम में हुआ था | इनका गृह जनपद तो मेरठ था पर इनके माता - पिता लखनऊ में ही रहते थे ; इसलिए वासुदेवशरण अग्रवाल जी का बचपन लखनऊ में ही व्यतीत हुआ और प्रारम्भिक शिक्षा भी यहीं पर हुई | डॉ वासुदेवशरण अग्रवाल जी ने एम० ए० की पढ़ाई  काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से पूरी की तथा 'पाणिनिकालीन भारत' नामक शोध - प्रबन्ध पर इन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय से डी० लिट्० की उपाधि प्राप्त हुई | वासुदेवशरण अग्रवाल जी ने उच्चकोटि के विद्वान के रूप में प्रसिद्धियाँ प्राप्त की | अग्रवाल जी ने संस्कृत , पालि एवं अंग्रेजी भाषाओं ; भारतीय संस्कृति और पुरातत्व का गहन अध्ययन किया | वासुदेवशरण जी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 'पुरातत्त्व एवं प्राचीन इतिहास विभाग' के अध्यक्ष रहे और बाद में आचार्य पद को सुशोभित किया | अग्रवाल जी केन्द्रीय सरकार के पुरातत्त्व विभाग में संचालक के पद पर एवं दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में अध्यक्ष तथा आचार्य पद पर भी काम किया | वासु...

Youtube se paise kaise kamayen , यू - ट्यूब से पैसे कैसे कमायें , how to earn money youtube , पूरी जानकारी हिन्दी में

YouTube से पैंसे कैसे कमायें आज ये बात उनके मुख से सुनने को मिलती है | जो online earning करना चाहते हैं वे या तो बेरोजगार हैं या फिर job के साथ - साथ और कमाई भी करना चाहते हैं लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता है कि हम youtube से कमाई कैसे कर सकते  हैं| साथ  ही उनको यह भी बात सताती रहती है कि online काम में फ्रॉड बहुत होता है | उनके इस matter को हम सॉल्व करते हुए बता रहें कि youtube जो है ये Google की ही website है जिसमें लोग वीडियो अपलोड़ करते हैं बदले में उन्हें वीडियो का पैसा मिलता है | अब आप सोंचिए की Google में आप हरदम search या अन्य कामों में लगे रहते हो तो सोंचे Google की ये website youtube.com कैसे फ्रॉड हो सकती है | YouTube से आप लाखो रूपये कमा सकते हो पर मेहनत करनी होगी आपको , कुछ लोग लाखों कमा भी रहें हैं हमारे आपके तरह के ही लोग अगर बड़ी मनोरंजन एवं अन्य कम्पनी की बात न करें तो | Youtube को ऑनलाइन वीडियो देखने के लिए बनाया गया है , जिस पर बड़ी कम्पनियों के अलावा सामान्य आदमी हम और आप भी video अपलोड कर सकते हैं |हम already कर भी रहें हैं | Youtube से अगर आप कमा...

रामधारी सिंह दिनकर जी का जीवन - परिचय - हिन्दी में । Ramdhari Singh Dinkar Ka Jeevan Parichay । Gupshup News

             रामधारी सिंह 'दिनकर' जन्म सन् - 1908             मृत्यु सन् - 1974 पिता का नाम - श्री रवि सिंह माता का नाम - श्रीमती मनरूप देवी जन्म - स्थान - बिहार के मुंगेर जिला के सिमरिया ग्राम रामधारी सिंह 'दिनकर' जी जीवन - परिचय विस्तार से पढ़ें - रामधारी सिंह 'दिनकर' जी का जन्म 30 सितम्बर , सन् 1908 ई० को सिमरिया गांव में हुआ था , जो कि बिहार के मुँगेर जिले में है | इनके माताजी का नाम श्रीमती मनरूप देवी तथा पिताजी का नाम श्री रवि सिंह था | इन्हें पिताजी का प्यार नहीं मिल सका क्योंकि जब 'दिनकर' जी सिर्फ दो वर्ष के थे तभी इनके पिताजी का निधन हो गया | गाँव के स्कूल में ही आरम्भिक पढ़ाई की , मैट्रिक की परीक्षा रेलवे के स्कूल में पास की और सर्वाधिक अंक हिन्दी में प्राप्त किये | सन् 1932 में पटना कॉलेज से बी०ए० किया .और एक स्कूल में अध्यापक के पद पर नियुक्त हुये | इस पद को छोड़कर सन् 1934 में सब - रजिस्टार बन गये | ये राजकीय प्रचार विभाग में आ गये , उस सम...

डॉ सम्पूर्णानन्द जी का जीवन - परिचय - हिन्दी में | Dr Sampoorna Nand Biography Hindi Me | Sampoorna Nand Jeewan Parichay Hindi Me

                    डॉ सम्पूर्णानन्द जन्म सन् - 1890             मृत्यु सन् - 1969 पिता का नाम - विजयानन्द माता का नाम - आनन्दी देवी जन्म - स्थान - उत्तर प्रदेश (काशी) सम्पूर्णानन्द जी का जीवन - परिचय विस्तार से पढ़ें - डॉ सम्पूर्णानन्द जी का जन्म 1 जनवरी , 189 0 ई० को उत्तर प्रदेश के काशी में हुआ था | ये एक सम्भ्रान्त कायस्थ परिवार से थे | इनके पिता का नाम मुंशी विजयानन्द और माता का नाम आनन्दी देवी था | इन्होंने बी०एस-सी० की परीक्षा क्वींस कॉलेज , वाराणसी से उत्तीर्ण की करने के बाद ट्रेनिंग कॉलेज , इलाहाबाद से एल० टी० किया और एक अध्यापक के रूप में प्रेम महाविद्यालय , वृंदावन में इनकी नियुक्ति हुई | कुछ दिन बाद बीकानेर के डँगूर कॉलेज में प्रिंसपल के पद पर इनकी नियुक्ति हुई | महात्मा गाँधी के राष्ट्रीय आन्दोलन से प्रेरित होकर सन् 1921 में ये काशी लौट आये और 'ज्ञानमण्डल' में काम करने लगे | 'मर्यादा' , टुड़े...

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी का जीवन - परिचय - हिन्दी में

             राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जन्म सन् - 1886 ई           मृत्यु सन् - 1964 पिता का नाम - रामचरण गुप्त माता का नाम - काशीबाई जन्म स्थान - उत्तर प्रदेश जिला झांसी (चिरगांव) मैथिलीशरण गुप्त जी का जीवन - परिचय विस्तार से पढ़ें - राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी का जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के जिला झाँसी के चिरगांव नामक गांव में संवत् 1943वि० (सन् 1886ई०) को हुआ था | इनके पिता का नाम सेठ रामचरण गुप्त था | रामचरण जी स्वयं एक अच्छे कवि थे | इसलिए अपने पिता का पूर्ण प्रभाव मैथिलीशरण गुप्त जी पर पड़ा | इन्होंने बचपन में ही छप्पय की रचना कर अपने पिता को चकित कर दिया  | इनकी माता का नाम  'काशीबाई' था | बचपन में गुप्त जी को अंग्रेजी पढ़ने के लिए झाँसी भेजा गया लेकिन वहाँ इनका मन न लग सका ; इसलिए इनकी शिक्षा - दीक्षा का प्रबन्ध घर पर ही किया गया , घर पर ही रहते हुए गुप्त जी ने अंग्रेजी , हिन्दी , संस्कृत का गहन अध्ययन किया |  पहले इनकी रचनाऐं 'वैश्योपकारक' ना...